
DMart Q3 रिजल्ट्स: मुनाफा 18% बढ़ा, मार्जिन में सुधार - क्या ₹3,800 पर शेयर खरीदना चाहिए?
रिटेल जगत के बादशाह ने अपने आंकड़े पेश कर दिए हैं। एवेन्यू सुपरमार्ट्स, जो प्रसिद्ध DMart सुपरमार्केट चेन चलाती है, ने शनिवार, 10 जनवरी 2026 को अपने Q3 FY26 के नतीजे घोषित किए। ऐसे समय में जब बाजार में खपत (Consumption) कम होने का डर था, DMart ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए शुद्ध मुनाफे में 18.3% की उछाल (₹856 करोड़) दर्ज की है।
हालांकि, चर्चा सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि बोर्डरूम की भी है। यह तिमाही इग्नेसियस नेविल नोरोंहा के लिए आखिरी पारी है—वह CEO जिन्होंने राधाकिशन दमानी के सपने को शेयर बाजार का मल्टीबैगर बनाया। अब कमान यूनिलीवर (HUL) के दिग्गज अंशुल असावा के हाथ में जा रही है। ऐसे में निवेशक पूछ रहे हैं: क्या DMart की ग्रोथ स्टोरी कायम रहेगी, या 5.6% की धीमी 'स्टोर ग्रोथ' खतरे की घंटी है?
MoneyDock की इस विस्तृत रिपोर्ट में, हम P&L स्टेटमेंट की चीर-फाड़ करेंगे, नेतृत्व परिवर्तन का विश्लेषण करेंगे और ₹3,807 के भाव पर चल रहे इस शेयर पर अपनी राय देंगे।
📊 Q3 FY26 स्कोरकार्ड (सालाना आधार पर)
- रेवेन्यू (Revenue): ₹18,100 करोड़ (▲ 13.3%) – सस्ते राशन (Deflation) का असर दिखा।
- EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट): ₹1,463 करोड़ (▲ 20.2%) – बेहतरीन एफिशिएंसी।
- शुद्ध मुनाफा (PAT): ₹856 करोड़ (▲ 18.3%) – उम्मीद से बेहतर।
- मार्जिन: EBITDA मार्जिन बढ़कर 8.1% हो गया (पिछले साल 7.6% था)।
- नए स्टोर: इस तिमाही में 10 नए स्टोर खुले; कुल संख्या अब 442 हो गई है।
1. वित्तीय विश्लेषण: रेवेन्यू सुस्त, लेकिन मार्जिन जबरदस्त
इस तिमाही की सबसे बड़ी खासियत रेवेन्यू नहीं, बल्कि प्रॉफिट मार्जिन में सुधार थी। आइए समझते हैं ऐसा क्यों हुआ।
13% ग्रोथ और 'डिफ्लेशन' का खेल
रेवेन्यू 13.32% बढ़कर ₹18,100 करोड़ हो गया। वैसे तो डबल डिजिट ग्रोथ अच्छी है, लेकिन यह DMart के पुराने 20%+ औसत से कम है। नए CEO अंशुल असावा ने इसका कारण बताया: "स्टेपल्स में डिफ्लेशन" (Deflation in Staples)।
इसका क्या मतलब है? DMart तेल, चीनी और दालें बेचता है। जब इन चीजों के दाम बाजार में गिरते हैं, तो ग्राहक का बिल कम बनता है, भले ही वह सामान उतना ही खरीदे। इससे रेवेन्यू ग्रोथ कम दिखती है। लेकिन वॉल्यूम (बिक्री की मात्रा) अभी भी मजबूत है, जो अच्छी बात है।
मार्जिन का सरप्राइज
कम रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, कंपनी ने मुनाफे में बाजी मार ली।
EBITDA मार्जिन: 8.1% (50 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा)।
PAT मार्जिन: 4.7% (20 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा)।
मार्जिन बढ़ने का मतलब है:
1. बेहतर प्रोडक्ट मिक्स: DMart अब कम मार्जिन वाले राशन के साथ-साथ ज्यादा मार्जिन वाले कपड़े और घरेलू सामान (General Merchandise) ज्यादा बेच रहा है।
2. लागत पर नियंत्रण: पुराने स्टोर्स का खर्च स्थिर है जबकि बिक्री बढ़ रही है, जिससे मुनाफा बढ़ रहा है।
2. पुराने स्टोर्स की ग्रोथ: क्या 5.6% काफी है?
मैनेजमेंट ने एक महत्वपूर्ण आंकड़ा दिया: "दो साल और उससे पुराने DMart स्टोर्स में 5.6% की ग्रोथ देखी गई।"
इसे Same Store Sales Growth (SSSG) कहते हैं। 5.6% की ग्रोथ ठीक-ठाक है, लेकिन शानदार नहीं। यह दर्शाता है कि पुराने इलाकों में बिक्री अब एक संतृप्ति बिंदु (Saturation Point) पर पहुंच रही है। DMart के महंगे वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए, इस नंबर को 8-10% के करीब होना चाहिए।
कुल 442 स्टोर्स के साथ, कंपनी का विस्तार करने का तरीका अब भी 'आक्रामक' के बजाय 'सतर्क' है। वे बिना सोचे-समझे स्टोर खोलने में विश्वास नहीं करते, जो राधाकिशन दमानी की कंजर्वेटिव शैली है।
3. नेतृत्व परिवर्तन: नोरोंहा युग का अंत
यह रिपोर्ट ऐतिहासिक है क्योंकि यह इग्नेसियस नेविल नोरोंहा के युग के अंत का संकेत है। नोरोंहा को अक्सर उनकी भारी संपत्ति के कारण "सबसे महंगा CEO" कहा जाता है, और उन्होंने ही DMart के ऑपरेशन्स को इतना कुशल बनाया है।
👔 नए कप्तान: अंशुल असावा
- बैकग्राउंड: यूनिलीवर (HUL) के दिग्गज।
- भूमिका: 1 फरवरी 2026 से CEO; 1 अप्रैल से MD।
- चुनौती: उनका सबसे बड़ा काम होगा DMart Ready (ई-कॉमर्स) को Blinkit और Zepto के मुकाबले खड़ा करना, वो भी बिना अंधाधुंध पैसा जलाए।
- बाजार का मूड: शेयर बाजार HUL के बैकग्राउंड का सम्मान करता है। यह स्मूथ ट्रांजिशन दिखाता है कि DMart में अब "व्यक्ति" से बड़ा "प्रोसेस" हो गया है।
4. स्टॉक विश्लेषण: क्या ₹3,800 सही भाव है?
नतीजों से पहले इस हफ्ते DMart का शेयर 2.3% चढ़कर ₹3,807 पर बंद हुआ। लेकिन क्या यह खरीदने लायक है?
वैल्यूएशन की गुत्थी
DMart का शेयर आमतौर पर 80x से 100x P/E रेश्यो पर ट्रेड करता है, जो दुनिया भर में सबसे महंगा है। 18% मुनाफा बढ़ने के बाद भी यह महंगा ही लगेगा। लेकिन भारत में DMart के पास "Scarcity Premium" है—यानी शेयर बाजार में इसके जैसी दूसरी कोई मुनाफे वाली बड़ी रिटेल कंपनी है ही नहीं।
सपोर्ट: ₹3,600 एक मजबूत आधार है।
रेसिस्टेंस: ₹4,200 वह स्तर है जिसे पार करने में शेयर को संघर्ष करना पड़ता है।
5. क्विक कॉमर्स (Blinkit/Zepto) का खतरा?
DMart की बात हो और क्विक कॉमर्स (Blinkit, Zepto, Swiggy Instamart) का जिक्र न हो, यह संभव नहीं।
भले ही क्विक कॉमर्स "अर्जेंट खरीदारी" (दूध/ब्रेड) पर कब्जा कर रहा है, लेकिन DMart अभी भी "महीने के राशन" (Stock-up buying) का राजा है। इस तिमाही में EBITDA में 20% की वृद्धि यह साबित करती है कि "डिस्काउंट मॉडल" अभी भी "सुविधा मॉडल" (Convenience Model) पर भारी पड़ रहा है। भारतीय ग्राहक Zepto से चिप्स खरीद सकता है, लेकिन 5 किलो चावल खरीदने के लिए वह DMart ही जाएगा।
अंतिम फैसला: खरीदें या बेचें?
🛡️ MoneyDock की सलाह
फैसला: गिरावट पर खरीदें (BUY on Dips)।
- सुरक्षा सबसे पहले: 2026 के उतार-चढ़ाव भरे बाजार में, DMart एक सुरक्षित किला है। यह कर्ज-मुक्त है, कैश से भरपूर है, और अपनी जमीनों का मालिक है।
- मार्जिन का भरोसा: मार्जिन का 8.1% तक बढ़ना एक बहुत बड़ा पॉजिटिव संकेत है। यह दिखाता है कि मुश्किल समय में भी कंपनी पैसा कमाना जानती है।
- रणनीति: सोमवार को अगर शेयर गैप-अप (तेजी) के साथ खुलता है तो पीछे न भागें। ₹3,700-₹3,800 के आसपास धीरे-धीरे जमा करें। यह एक "कॉफी कैन" स्टॉक है—खरीदें और 5 साल के लिए भूल जाएं।
डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। निवेश से पहले अपने सेबी रजिस्टर्ड सलाहकार से बात करें।