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Gold Rate Today: सोना हुआ सस्ता, चांदी में जारी है तेजी - जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा भाव (21 दिसंबर)
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Gold Rate Today: सोना हुआ सस्ता, चांदी में जारी है तेजी - जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा भाव (21 दिसंबर)

Dec 21, 2025 5 min read

दिसंबर की शुरुआत में ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने के बाद, सर्राफा बाजार में इस हफ्ते थोड़ी शांति देखी गई—लेकिन पूरी तरह नहीं। 21 दिसंबर, 2025 को खत्म हुए हफ्ते में सोने के खरीदारों को थोड़ी राहत मिली क्योंकि कीमतों में अच्छी गिरावट (Correction) आई, जबकि चांदी ने अपना दबदबा बनाए रखा और वह और महंगी हो गई।

अगर आप हालिया रिकॉर्ड ऊंचाई (सोने का नया ऑल-टाइम हाई और चांदी का ₹2 लाख/किलो पार करना) देखकर खरीदारी करने से डर रहे थे, तो यह साप्ताहिक अपडेट आपके लिए महत्वपूर्ण है। दोनों कीमती धातुओं की चाल में आया यह अंतर बताता है कि बाजार में अलग-अलग ताकतें काम कर रही हैं।

MoneyDock की इस रिपोर्ट में, हम आपको 22 कैरेट और 24 कैरेट के ताजा भाव बताएंगे, साप्ताहिक बदलाव के डेटा का विश्लेषण करेंगे, और यह निष्कर्ष निकालेंगे कि क्या यह खरीदारी का मौका है।

📉 साप्ताहिक ट्रेंड (15 दिसंबर - 21 दिसंबर)

इस हफ्ते सर्राफा बाजार में स्पष्ट अंतर देखा गया:

  • सोना (Gold): मुनाफावसूली (Profit-booking) के कारण कीमतें नीचे आईं।
  • चांदी (Silver): औद्योगिक मांग के कारण कीमतें ऊपर गईं और यह महंगी हुई।

1. आज का सोने-चांदी का भाव (21 दिसंबर, 2025 तक)

नीचे प्रमुख भारतीय शहरों के लिए सांकेतिक मूल्य तालिका दी गई है। ध्यान दें कि इन कीमतों में अक्सर GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते हैं।

धातु का प्रकार आज का अनुमानित भाव साप्ताहिक ट्रेंड
24 कैरेट सोना (10 ग्राम) ₹82,500 - ₹83,000 ▼ सस्ता हुआ
22 कैरेट सोना (10 ग्राम) ₹75,600 - ₹76,100 ▼ सस्ता हुआ
चांदी (1 किलो) ₹2,04,500 - ₹2,06,000 ▲ महंगी हुई

*कीमतें सांकेतिक हैं और शहर, स्थानीय करों और ज्वैलर की नीतियों के आधार पर भिन्न हो सकती हैं।

2. सोना सस्ता क्यों हुआ? (Healthy Correction)

महीने की शुरुआत में आई भारी तेजी के बाद, विश्लेषकों को सोने में गिरावट (करेक्शन) की उम्मीद थी। इस हफ्ते कीमतें गिरने के दो मुख्य कारण रहे:

  • मुनाफावसूली (Profit Booking): जिन निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की थी, उन्होंने साल के अंत से पहले अपना मुनाफा बुक किया। तेज बढ़त के बाद यह एक सामान्य बाजार प्रक्रिया है।
  • करेंसी में स्थिरता: भारतीय रुपया, जो डॉलर के मुकाबले ₹90 तक गिर गया था (जिससे आयात महंगा हो गया था), उसमें इस हफ्ते थोड़ी स्थिरता देखी गई, जिससे सोने की घरेलू लागत थोड़ी कम हुई।

3. चांदी क्यों नहीं रुक रही?

जबकि सोने के व्यापारियों ने मुनाफा बुक किया, चांदी के खरीदारों ने जमा करना जारी रखा। जैसा कि हमने अपनी पिछली रिपोर्टों में चर्चा की है, चांदी की तेजी निवेश की मांग से कम और औद्योगिक कमी (Industrial Shortage) से अधिक प्रेरित है। सोलर और ईवी (EV) क्षेत्रों से मांग 2026 में कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, जिससे सोने में गिरावट के बावजूद चांदी की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं।


अंतिम फैसला: क्या यह मौका है?

रिकॉर्ड दौड़ के बाद कीमतों में गिरावट को अक्सर लंबी अवधि के निवेशकों द्वारा खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जाता है।

🛡️ MoneyDock की सलाह

गहने खरीदारों के लिए:

अगर 2026 की शुरुआत में आपके घर में शादी-ब्याह है, तो सोने में आई यह गिरावट खरीदारी करने का एक अच्छा मौका है। वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए कीमतों के बहुत ज्यादा गिरने की संभावना कम है।

निवेशकों के लिए (SGB/ETFs):

  • सोना: इस गिरावट का उपयोग SIP के माध्यम से अपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) या गोल्ड ETF में निवेश बढ़ाने के लिए करें।
  • चांदी: निवेशित रहें। इसके इंडस्ट्रियल फंडामेंटल बहुत मजबूत हैं। मौजूदा ऊंचाई पर FOMO (छूट जाने का डर) खरीदारी से बचें; नई पोजीशन जोड़ने के लिए तेज गिरावट का इंतजार करें।

डिस्क्लेमर: कीमती धातुओं का बाजार अस्थिर होता है। यह पोस्ट केवल जानकारी के लिए है और इसे वित्तीय सलाह न माना जाए। निवेश से पहले अपने सलाहकार से बात करें।

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