
शेयर बाजार में हाहाकार: IT सेक्टर 5% टूटा, Eternal (Zomato) के शेयर क्यों गिरे?
दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) पर आज भारी बिकवाली देखी गई। निफ्टी 50 (Nifty50) में 1% की गिरावट शायद एक सामान्य बात लगे, लेकिन अंदरूनी हालात बेहद डरावने हैं। असली तबाही टेक्नोलॉजी सेक्टर में मची है, जहां निफ्टी आईटी (Nifty IT) इंडेक्स 5% से अधिक टूट गया है।
आज की इस भारी गिरावट में निवेशकों के ₹2.18 लाख करोड़ डूब गए। यह गिरावट कोई अचानक हुई घटना नहीं है; यह भू-राजनीतिक व्यापार तनाव (Trade War), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा लाए जा रहे संरचनात्मक बदलावों और स्टॉक-विशिष्ट घबराहट का नतीजा है। इसके अलावा, जोमैटो (Zomato) की पैरेंट कंपनी Eternal के शेयरों में भी 5% से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई।
इस विस्तृत रिपोर्ट में, हम अमेरिका की नीतियों, सिलिकॉन वैली के AI इनोवेशन और भारतीय शेयर बाजार पर इसके प्रभाव की सभी कड़ियों को जोड़ेंगे।
📉 बाजार क्रैश की मुख्य बातें (24 फरवरी 2026)
- NIFTY50: 1.1% गिरकर 25,425 पर बंद
- BSE SENSEX: 1,069 अंक गिरकर 82,226 पर बंद
- Nifty IT Index: 5% से ज्यादा क्रैश
- निवेशकों का नुकसान: ₹2.18 लाख करोड़
- टॉप लूजर्स: Tech Mahindra (-6.63%), KPIT Tech (-6.42%), HCL Tech (-6.10%)
1. ग्लोबल ट्रिगर: ट्रंप के टैरिफ और ट्रेड वॉर
बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण वैश्विक व्यापार को लेकर बढ़ता डर है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अन्य देशों पर 15% का नया अस्थायी टैरिफ (Tariff) लगाने की घोषणा की है। इसने वैश्विक सप्लाई चेन को हिलाकर रख दिया है।
भारतीय आईटी कंपनियों के लिए यह एक बुरा सपना है। इनकी कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा अमेरिकी ग्राहकों से आता है। जब व्यापार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो अमेरिकी कंपनियां अपने खर्च रोक देती हैं और नए आईटी प्रोजेक्ट्स को टाल देती हैं।
2. AI का खतरा: IT स्टॉक्स 5% क्यों टूटे?
अगर टैरिफ ने बाजार को डराया, तो AI ने बाजार में दहशत फैला दी। IT इंडेक्स में 5% के क्रैश का मुख्य कारण AI फर्म Anthropic की एक नई घोषणा थी।
Anthropic ने बताया कि उनका नया "क्लॉड कोड" (Claude Code) टूल दशकों पुरानी प्रोग्रामिंग भाषा COBOL पर बने लिगेसी सिस्टम (Legacy Systems) को खुद-ब-खुद अपडेट कर सकता है। COBOL दुनिया भर के बैंकिंग और वित्तीय सिस्टम का मुख्य आधार है।
भारतीय आईटी दिग्गज (जैसे TCS, Infosys) सालों से इन पुराने सिस्टम्स के मेंटेनेंस से अरबों रुपये कमाते आए हैं। अगर AI एजेंट्स खुद कोड लिख सकते हैं और टेस्टिंग कर सकते हैं, तो विदेशी कंपनियां भारतीय आउटसोर्सिंग टीमों पर अपनी निर्भरता कम कर देंगी। इस डर से आज अमेरिकी बाजार में IBM भी 13% क्रैश हो गया।
| कंपनी | 52-वीक लो प्राइस | 1 साल का रिटर्न |
|---|---|---|
| TCS | ₹2,581 | -29.3% |
| Infosys | ₹1,277 | -27.5% |
| Wipro | ₹199.6 | -32.1% |
3. Eternal (Zomato की पैरेंट कंपनी) 5.22% क्यों गिरी?
IT सेक्टर से हटकर, फूड डिलीवरी दिग्गज Zomato और Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal के शेयरों में 5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹254 पर बंद हुआ। इस गिरावट के पीछे ये तीन प्रमुख कारण हैं:
- फाउंडर का ध्यान भटका: निवेशकों को दीपिंदर गोयल (Deepinder Goyal) की नई प्राथमिकताओं को लेकर चिंता हो रही है। उन्होंने हाल ही में Eternal के CEO पद से इस्तीफा दिया था। आज खबर आई कि उनकी नई फर्म, LAT Aerospace ने डिफेंस रोबोटिक्स स्टार्टअप Sharang Shakti का अधिग्रहण किया है। बाजार को यह पसंद नहीं आता जब किसी फाउंडर का ध्यान अपनी मुख्य कंपनी से हटता है।
- Zepto का IPO: क्विक कॉमर्स में मुख्य प्रतिद्वंद्वी Zepto 2026 में ₹11,000 करोड़ का IPO लाने की तैयारी कर रहा है। इससे Blinkit के मार्केट शेयर को सीधा खतरा है।
- अत्यधिक वैल्यूएशन: Eternal का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 1,000 से भी अधिक है। जब बाजार में डर का माहौल होता है, तो सबसे पहले ऐसे महंगे शेयरों (Overvalued Stocks) में ही भारी बिकवाली होती है।
🛡️ निवेशकों के लिए सलाह
आज बाजार में जो हुआ उसे समझना बहुत जरूरी है। घरेलू बाजार पर निर्भर रहने वाले सेक्टर्स (जैसे FMCG) काफी हद तक स्थिर रहे। सारा दर्द उन सेक्टर्स में है जो वैश्विक बाजार से जुड़े हैं (खासकर IT)।
जब तक अमेरिकी ट्रेड नीतियों पर स्पष्टता नहीं आती और भारतीय IT कंपनियां AI के खतरे से निपटने का ठोस प्लान नहीं पेश करतीं, तब तक लार्ज-कैप IT शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को अभी गिरते बाजार में "बॉटम फिशिंग" (Bottom Fishing) करने से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है।