
चांदी पहली बार ₹2 लाख के पार, सोने ने भी रचा इतिहास: अब आगे क्या होगा?
भारतीय सर्राफा बाजार के इतिहास में शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025 का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। पहली बार चांदी (Silver) ने ₹2 लाख प्रति किलोग्राम का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ दिया है। वहीं, सोने (Gold) ने भी अपनी अब तक की सबसे ऊंची छलांग लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया है ।
इस तेजी ने बाजार के दिग्गजों को भी चौंका दिया है। एक साल पहले जो चांदी ₹90,000 के आसपास थी, उसने दोगुने से ज्यादा रिटर्न देकर शेयर बाजार और प्रॉपर्टी को भी पीछे छोड़ दिया है। लेकिन क्या यह तेजी टिकेगी? आइये समझते हैं।
🏆 रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े
- चांदी (MCX): ₹2,00,000 / किलो के पार
- सोना (Gold): नए लाइफटाइम हाई (All-Time High) पर।
- मुख्य वजह: रुपये की कमजोरी (₹90/$), औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश (Safe Haven Buying)।
1. चांदी में आग क्यों लगी है? (Why the Rally?)
चांदी अब केवल गहनों की धातु नहीं रही, यह एक 'इंडस्ट्रियल मेटल' बन गई है। इस तेजी के पीछे 3 बड़े कारण हैं:
- सोलर एनर्जी की मांग: दुनिया भर में सोलर पैनल लगाने की होड़ मची है। सोलर पैनल में चांदी का भारी इस्तेमाल होता है। मांग दोगुनी है, लेकिन सप्लाई सीमित है।
- EV क्रांति: इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) में पेट्रोल गाड़ियों के मुकाबले ज्यादा चांदी लगती है। चीन और यूरोप से आ रही भारी मांग ने कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है।
- रुपये की गिरावट: जैसा कि हमने पहले बताया, रुपया डॉलर के मुकाबले ₹90 तक गिर चुका है। भारत अपनी चांदी आयात (Import) करता है, इसलिए डॉलर महंगा होने से घरेलू बाजार में चांदी अपने आप महंगी हो गई।
2. अब आगे क्या? (Expert Opinion)
क्या चांदी ₹2.5 लाख तक जाएगी? जानकारों की राय बंटी हुई है।
📈 तेजी की उम्मीद (Bull Case)
इंडस्ट्रियल मांग जारी रहेगी: गहने खरीदना बंद हो सकता है, लेकिन सोलर पैनल बनना बंद नहीं होगा। सप्लाई की भारी कमी (Deficit) के कारण कई एक्सपर्ट्स 2026 के मध्य तक चांदी को ₹2.25 लाख तक जाते देख रहे हैं।
📉 गिरावट का डर (Correction Risk)
बाजार 'Overbought' (अत्यधिक खरीद) जोन में है। अगर रुपया थोड़ा मजबूत होता है या ग्लोबल तनाव कम होता है, तो 10-15% की तेज गिरावट (Correction) आ सकती है।
निवेशकों के लिए सलाह: अब क्या करें?
🛡️ MoneyDock स्ट्रैटेजी
- फिजिकल चांदी से बचें: ₹2 लाख के भाव पर ईंट या सिक्के खरीदने पर आप मेकिंग चार्ज और GST में काफी पैसा गंवा देंगे।
- Silver ETFs का उपयोग करें: अगर आप इस तेजी का फायदा उठाना चाहते हैं, तो शेयर बाजार में 'सिल्वर ईटीएफ' (Silver Bees) खरीदें। इन्हें खरीदना-बेचना आसान है और कोई मेकिंग चार्ज नहीं लगता।
- गिरावट का इंतज़ार करें: अभी बाजार बहुत गर्म है। नई खरीदारी के लिए ₹1.85 लाख के स्तर तक का इंतज़ार करना समझदारी होगी।
डिस्क्लेमर: कमोडिटी बाजार जोखिम भरा होता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।